मल्लाडी सुरिबाबू को सद्गुरु त्यागराज हंसध्वनि पुरस्कार मिला और उसके बाद परिवार की तीन पीढ़ियों के संगीतकारों ने प्रस्तुति दी।

स्रोत: द हिंदू (पुनर्लिखित)