सांसदों ने गुप्त मतदान में 227 के मुक़ाबले 164 मतों से नए नियम पारित किए, जिनसे प्रथम-पास्ट-द-पोस्ट सीटें खत्म हो गईं और पूरी संसद आनुपातिक प्रतिनिधित्व पर आ गई।

स्रोत: द हिंदू (पुनर्लिखित)