एक पूर्व खिलाड़ी से कोच बनीं नीता ने दशकों खेल सीखने, टीमें बनाने और महिला कबड्डी को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने में बिताए हैं।

स्रोत: द हिंदू (पुनर्लिखित)