मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट्स के रूप में शुरुआत से लेकर देवी प्रसाद रॉय चौधरी के पाठ्यक्रम और के.सी.एस. पणिक्कर के आधुनिकतावाद तक, संस्था लगातार विकसित होती रही है।

स्रोत: द हिंदू (पुनर्लिखित)