सरकार संविधान के अनुच्छेद 201 के तहत एक प्रस्ताव लाएगी, जिसमें राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित विधेयक वापस किए जाने की मांग होगी।

स्रोत: द हिंदू (पुनर्लिखित)